Münzen aus Fürstenstaat Jaipur nach Periode
49 Münztypen aus Fürstenstaat Jaipur sind im Katalog erfasst. Sie reichen von 2 bis 1949.
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| Jahr | 2A | ⅛R | ¼R | ½P | ½R | 1R | 1NR | R | 1M | M | 1A | 1T | 1P | 1NP | P | 1PRS | Year |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1949 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1949 | |||
| 1948 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1948 | ||
| 1947 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1947 | |
| 1946 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1946 | |
| 1945 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1945 | ||
| 1944 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1944 | |||
| 1943 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1943 | ||||
| 1942 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1942 | |||
| 1941 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1941 | ||
| 1940 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1940 | |
| 1939 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1939 | ||
| 1938 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1938 | ||
| 1937 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1937 | |
| 1936 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1936 | |
| 1935 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1935 | |
| 1934 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1934 | |
| 1933 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1933 | |
| 1932 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1932 | ||
| 1931 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1931 | |
| 1930 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1930 | |
| 1929 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1929 | |
| 1928 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1928 | ||
| 1927 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1927 | |
| 1926 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1926 | |
| 1925 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1925 | |
| 1924 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1924 | ||
| 1923 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1923 | |
| 1922 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1922 | ||
| 1921 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1921 | |||||
| 1920 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1920 | ||||
| 1919 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1919 | |||
| 1918 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1918 | |||
| 1917 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1917 | ||||
| 1916 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1916 | ||||||
| 1915 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1915 | ||||
| 1914 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1914 | |||
| 1913 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1913 | |||||
| 1912 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1912 | ||||
| 1911 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1911 | |||
| 1910 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1910 | ||||
| 1909 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1909 | ||||||
| 1908 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1908 | |||||||
| 1907 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1907 | ||||
| 1906 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1906 | |||||||
| 1905 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1905 | |||||
| 1904 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1904 | |||||
| 1903 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1903 | |||||
| 1902 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1902 | |||||
| 1901 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1901 | ||||||
| 1900 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1900 | |||||
| 1899 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1899 | ||||||
| 1898 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1898 | ||||||
| 1897 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1897 | |||||||
| 1896 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1896 | |||||
| 1895 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1895 | |||||
| 1894 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1894 | |||
| 1893 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1893 | |||
| 1892 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1892 | ||
| 1891 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1891 | |||||||
| 1890 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1890 | ||||||
| 1889 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1889 | |||||
| 1888 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1888 | |||||
| 1887 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1887 | ||||||
| 1886 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1886 | |||||||
| 1885 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1885 | |||
| 1884 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1884 | |||||
| 1883 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1883 | |||||
| 1882 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1882 | |||||
| 1881 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1881 | |||
| 1880 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1880 | ||||||
| 1879 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1879 | |
| 1878 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1878 | ||
| 1877 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1877 | |||
| 1876 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1876 | |||
| 1875 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1875 | ||
| 1874 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1874 | ||
| 1873 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1873 | ||
| 1872 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1872 | ||
| 1871 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1871 | |||
| 1870 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1870 | ||
| 1869 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1869 | |
| 1868 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1868 | |
| 1867 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1867 | |
| 1866 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1866 | ||
| 1865 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1865 | |
| 1864 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1864 | ||
| 1863 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1863 | ||
| 1862 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1862 | ||
| 1861 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1861 | ||
| 1860 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1860 | ||
| 1859 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1859 | |
| 1858 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1858 | ||
| 1857 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1857 | |||
| 1856 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1856 | |
| 1855 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1855 | |
| 1853 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1853 | |
| 1852 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1852 | ||
| 1850 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1850 | |
| 1848 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1848 | |
| 1847 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1847 | |
| 1846 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1846 | |
| 1842 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1842 | |
| 1840 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1840 | |
| 1836 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1836 | |
| 1835 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1835 | |||
| 1834 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1834 | ||
| 1833 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1833 | |
| 1832 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1832 | |
| 1831 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1831 | |
| 1829 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1829 | |
| 1828 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1828 | |
| 1827 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1827 | |
| 1826 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1826 | |
| 1825 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1825 | |
| 1824 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1824 | ||
| 1823 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1823 | |
| 1822 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1822 | |
| 1821 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1821 | ||
| 1820 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1820 | ||
| 1819 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1819 | |
| 1818 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1818 | |
| 1817 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1817 | ||
| 1816 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1816 | ||
| 1815 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1815 | |
| 1814 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1814 | ||
| 1813 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1813 | ||
| 1812 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1812 | ||
| 1811 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1811 | |
| 1810 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1810 | ||
| 1809 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1809 | |
| 1807 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1807 | ||
| 1806 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1806 | ||
| 1804 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1804 | |
| 1803 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1803 | ||
| 1802 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1802 | ||
| 1799 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1799 | |
| 1798 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1798 | |
| 1797 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1797 | |
| 1796 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1796 | |
| 1795 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1795 | ||
| 1794 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1794 | |
| 1793 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1793 | ||
| 1792 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1792 | |
| 1791 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1791 | |
| 1790 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1790 | |
| 1789 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1789 | |
| 1788 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1788 | |
| 1787 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1787 | |
| 1786 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1786 | |
| 1785 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1785 | ||
| 1784 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1784 | ||
| 1783 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1783 | ||
| 1782 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1782 | |
| 1781 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1781 | ||
| 1777 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1777 | |
| 1776 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1776 | |
| 1775 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1775 | |
| 1774 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1774 | |
| 1773 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1773 | ||
| 1772 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1772 | |
| 1771 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1771 | |
| 1770 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1770 | |
| 1766 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1766 | |
| 1763 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1763 | |
| 1762 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1762 | |
| 1759 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1759 | |||
| 1758 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1758 | |
| 1757 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1757 | ||
| 1756 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1756 | ||
| 1755 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1755 | ||
| 1754 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1754 | ||
| 1752 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1752 | |
| 1751 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1751 | |
| 1750 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1750 | |
| 1749 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1749 | |
| 1748 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1748 | ||
| 1746 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1746 | |
| 1745 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1745 | |
| 1744 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1744 | |
| 1743 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1743 | |
| 1742 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1742 | |
| 1741 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1741 | |
| 1245 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1245 | |
| 1200 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1200 | |
| 1199 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1199 | |
| 1198 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1198 | |
| 1197 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1197 | |
| 1196 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1196 | |
| 1195 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1195 | |
| 1194 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1194 | |
| 1193 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1193 | |
| 1192 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1192 | |
| 1191 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1191 | |
| 1190 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1190 | |
| 1189 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1189 | |
| 1188 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1188 | |
| 1187 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1187 | |
| 1186 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1186 | |
| 1185 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1185 | |
| 1183 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1183 | |
| 1182 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1182 | |
| 1181 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1181 | |
| 1180 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1180 | |
| 1179 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1179 | |
| 1178 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1178 | |
| 1177 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1177 | |
| 1176 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1176 | |
| 1175 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1175 | |
| 1174 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1174 | |
| 1173 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 1173 | |
| 0 | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | - | 0 |
Münzen
2 Annas - Man Singh II
(1942)
Brass
6.2g
Für diese Münze liegen keine Preis- oder Zusatzangaben vor, sie könnte selten und wertvoll sein.
⅛ Rupee - Madho Singh II
(1883–1921)
Silver
1.44g
ø 12mm
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½ Paisa - George VI [Man Singh II]
(1943–1944)
Copper
3.15g
ø 16.4mm
f
3,00
vf
3,00
Für diese Münze liegen keine Preis- oder Zusatzangaben vor, sie könnte selten und wertvoll sein.
½ Rupee - Victoria [Madho Singh II]
(1880–1916)
Silver
5.7g
ø 18.1mm
Für diese Münze liegen keine Preis- oder Zusatzangaben vor, sie könnte selten und wertvoll sein.
1 Rupee - Victoria [Ram Singh]
(1858–1880)
Silver
11g
ø 21.8mm
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1 Rupee - Akbar II
(1221–1251)
Silver
11.29g
ø 23mm
Für diese Münze liegen keine Preis- oder Zusatzangaben vor, sie könnte selten und wertvoll sein.
1 Rupee - George V [Man Singh II]
(1924–1932)
Silver
10.7g
ø 21mm
Für diese Münze liegen keine Preis- oder Zusatzangaben vor, sie könnte selten und wertvoll sein.
1 Nazarana Rupee - Victoria [Madho Singh II]
(1882–1921)
Silver
11.4g
ø 37mm
Für diese Münze liegen keine Preis- oder Zusatzangaben vor, sie könnte selten und wertvoll sein.
1 Rupee - Victoria [Madho Singh II]
(1880–1922)
Silver
11.5g
ø 21mm
vf
51,00
Für diese Münze liegen keine Preis- oder Zusatzangaben vor, sie könnte selten und wertvoll sein.
1 Nazarana Rupee - Victoria [Ram Singh II]
(1256–1273)
Silver
11.45g
ø 35mm
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1 Rupee
(1268)
Bahadur Shah II
Silver
11.25g
ø 22mm
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1 Mohur - Victoria [Madho Singh II]
(1898)
Gold
11.34g
Für diese Münze liegen keine Preis- oder Zusatzangaben vor, sie könnte selten und wertvoll sein.
1 Mohur - Shah Alam II [Ram Singh]
(1773–1804)
Gold
11.34g
Für diese Münze liegen keine Preis- oder Zusatzangaben vor, sie könnte selten und wertvoll sein.
Mohur - Shah Alam II
(1169–1172)
Gold
11.34g
Für diese Münze liegen keine Preis- oder Zusatzangaben vor, sie könnte selten und wertvoll sein.